आज दुःख की कहानी कहने का मन करता है । लगता है जैसे जीवन में दुखों का अंत ही नहीं है। एक के बाद एक दुखो का आना लगा ही रहता है । समुद्र की लहरों की तरह दुःख जैसे बार -बार मानव मन को सींचता रहता है।
मानव का जीवन हमेशा सुख की चाह में रहता है । मगर उसे मिलता क्या है – दुखों की पोटली।
हर एक की कहानी बहुत ही लम्बी होती है। उसे कौन सुने । मैं भी नहीं सुनाऊंगा। मैं इस ब्लॉग की शुरुआत ही निराशा से कर रहा हूँ क्योंकि आज की डेट में मेरे साथ ऐसा ही चल रहा है।
किसको फुर्सत है की तुम्हारी हर एक बात का एनालिसिस करे । दूसरे का जीवन खुद डिस्टर्ब है । वो खुद को संभाले की आपको। आपको सँभालते-संभालते वो खुद ही डूब जायेगा।
आपको खुद ही अपनी जान बचानी है। आपको खुद ही प्रयास करना है। आपको खुद ही अपने आप पर भरोसा करना है ।
क्या खोया क्या पाया ?
आपको अक्सर वो चीज़ नहीं मिल पाती जो आपको असली में चाहिए। इसी से जीवन में निराशा की भावना आती है। कभी कभी आप को ऐसे रूप में जीवन मिलता है जिसमें आपको शून्य से शुरुआत करनी है।
कोई नहीं आपको रास्ता दिखाने वाला। घर में हर तरफ अफरा तफरी है । सब कुछ आपके अगेंस्ट है।
समय बीतता जाता है । कहते हैं गंगा जी का पानी कितना बह गया और आप अभी भी उसी उधेड़ बुन में मस्त हैं।
सब कुछ बदल रहा है। मगर आप में कोई बदलाव नहीं आया। आप आज भी वही है। आप आज भी वैसे ही दुखी और लोगो से त्रस्त नज़र आते हैं।
कभी कोई परफेक्ट मिला नहीं और न मिलेगा। आपको ऐसे ही काम चलाना होगा।
मौकों की अंतहीन तलाश
मौके भी सिमित हैं । कभी कभार ही आते हैं । कोई मौकों का फ़ायदा उठा लेता है और कोई देखता रह जाता है।
आपकी हेल्थ और उम्र हमेशा से ऐसे नहीं रहेगी । जो जोश आज है वो कल नहीं रहेगा । जो आज आप झेल जाते हैं वो आप कल नहीं झेल पाएंगे। एक पल ख़ुशी है तो दूसरे पल गम । एक सिक्के के दो पहलु की तरह । कोई नहीं जनता की कब दुःख आएगा और कब सुख।
जीवन की तैयारी
आपको जीवन की तैयारी करनी है। अपने आप को बचाना है और दूसरे को भी । आपको हर एक चीज़ का ख़याल करना है ।
अगर आपने प्रयास करना बंद कर दिया तो आपका जीवन भी औरों की तरह संभल नहीं पायेगा।
आप गलती करने का रिस्क नहीं ले सकते । दूसरे गलती कर सकते हैं । मगर आप नहीं। आपको हर कदम सही रखना होता है। ताकि आप औरों की मदद कर सकें।
आपको सबको देखना है। सिर्फ अपने आप को नहीं। अगर आप सिर्फ अपने आप को ही देखते हैं तो आप हमेशा स्वार्थी ही कहलायेंगे।
जो लोग जीवन में सफल हो जाते हैं उनका जीवन कैसा होता होगा। उनके लिए जीवन में अलग तरह की चुनौतियाँ आती हैं । जीवन में कभी कोई परेशानी न आये , ऐसा तो हो ही नहीं सकता। इसीलिए मैं हमेशा अपने पर विश्वास रखता हूँ ।
आपकी परवाह
आपकी इच्छा की किसी को कोई कदर नहीं होती । आप कितने पैसे वाले हैं और कितने धनवान है। आज के युग में यही महत्व का है।
आप क्या है यह आपकी हैसियत पर निर्भर करती है । अगर आप पैसे वाले हैं , एक अच्छी जॉब है । आपके पास एक सुन्दर परिवार है। लोग आपके घर में समझदार है, तो आप समझ लीजिये की आप स्वर्ग में ही निवास कर रहे हैं ।
उद्देश्यहीन जीवन
अगर जीवन में कोई टारगेट नहीं है, तो जीवन कैसा है । मैं समझाता हूँ आपको सदा ही कोई न कोई ऐसा काम करते रहना चाहिए जो आपको अंदर से ख़ुशी दे।
अन्य लोगो की तरह आप नहीं हैं ।
आप जीवन से समझौता कर लें और उसी से संतोष करके जीवन को जीते रहे ।
आप किसी की नक़ल न कीजिये ।
आप कभी कभी लाख प्रयास भी कर रहे होते हैं की जीवन सुधर जाये । मगर आपके सारे प्रयास असफल हो जाते हैं ।
रिश्तों की पोटली
रिश्ते तो सभी के पास होते हैं . इनका आपके जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव होता है। इनकी भूमिका आपको सुखी या दुखी करने में होती है।
रिश्ते जरुरी हैं मगर उतने भी नहीं की आपको परेशान करने लगें ।
मैं देखता हूँ की लोग एक दूसरे का दोष देखते रहते हैं। क्या आप में कोई दोष नहीं। क्या आप निर्दोष है, क्या आप अपने किये गए वाडे को निभाना जानते है ।
दिल पर भारी बोझ
कभी आपको ऐसा लगा है की किसी ने दिल पर एक बड़ा ही भरी बोझ रख दिया हो। जैसे आप पत्थर की मूर्ति बन गए हों। जैसे किसी ने आपको जोर का तमाचा जड़ दिया हो। आप गहरी नींद में हो और आपको एक झटके में जगा दिया गया हो। अगर ऐसा है तो आप मेरी केटेगरी के आदमी हैं ।
एक झटके में ही कोई आपको छोड़ कर चला जाता है।
एक अवसाद की काली छाया आपको घेर लेती है।
निराशावादिता
मेरा ब्लॉग आपको निराशावादी ज्यादा लग रहा होगा।
आप दुखी हैं तो आपको सारा संसार ही दुखी नज़र आने लगता है । अगर आप सुखी हैं तो आपको सारा संसार ही सुखी नज़र आता है। यही जीवन की सच्चाई है।
जो सुखी हैं , धनवान है उनको दूसरों का दुःख नज़र ही नहीं आता है। वो सबको इग्नोर करने लगते हैं।
भारी मन
अगर आपका मन उदास है तो वो आपको कोई भी काम करने नहीं देता। इसका एक कारन आपकी नौकरी हो सकती है या वो रिश्ता जिसे आप वर्षो से ढो रहे हैं ।
अगर आपके रिश्ते डिस्टर्बिंग हैं तो उनको छोड़ देना ही सही कदम हो सकता है। मगर आप अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं।
लोग आपसे उम्मीद लगाकर रखते हैं। कोई भी चीज़ कह देना आसान होता है । मगर उसपर अमल करना मुश्किल होता है।
उदास तन
उदास मन है । उदास तन है। शमा भी उदास है।
आप अकेले हैं । आपके आस पास कोई नहीं है।
आप किसी के भी संपर्क में भी नहीं आना चाहते हैं ।
जीवन हमेशा आनंद की तलाश में रहता है । कोई उसे दुखी न कर दे इसलिए उसको किसी से बात करने का मन नहीं करता । ऐसा लगता है की वो उदास है मगर वो सबकी निगाहों से बचना चाहता है ।
काम ही लोग है जो आपके दुःख के सहभागी है।
प्रेम का सागर
मन प्रेम का प्यासा होता है। उसे वो आदमी प्यारा लगने लगता है जो उससे प्यार से बात करता है।
प्रेम से भरा जीवन किसे नहीं चाहिए।
असली और नकली प्रेम में बड़ा अंतर है। अगर आप 100 प्रतिशत प्रेम करते हैं तो आपको 100 प्रतिशत त्याग भी करना चाहिए। किसके लिए ? उसके लिए जिससे आपको प्रेम है।
दुखी मन क्या प्यार कर सकता है?
उसे तो प्यार की सबसे ज्यादा तलाश है। मगर नकली प्यार उसे और भी तोड़ देता है।
सांसारिक जीवन
संसार में हमरी कोई हैसियत है? हम कुछ भी कर लें हमारे जाने के बाद किसी को क्या फर्क पड़ेगा ।
संसार से ज्यादा मोह माया रखना बेकार है।
कोई नहीं अपना।
यह तन भी अपना नहीं है। यह मन भी अपना नहीं है।
तो एक सन्नाटा ही अपना है। वो हमेशा है ।
समय की कीमत
समय का साया है तो आप बलवान है। आपमें गुमान है। समय सही चल रहा है तो आप ख़ुशी हैं।
जैसे ही समय ने करवट बदली आपकी जिंदगी की बंद बज जाती है।
सब एक एक करके साथ छोड़ने लग जाते हैं।
अगर मैं सही नहीं कह रहा हूँ तो आप कमेंट कीजिये।
आजादी की कीमत
आप आजाद हैं। किस रूप में।
कैसे आप इसको अनुभव करते हैं।
जो आजादी है वो कभी गुलामी थी। जो गुलामी थी आज वो आजादी है। कभी कभी हमको गुलामी की आदत सी लग जाती है। गुलामी हमको महसूस ही नहीं होने देती।
आजादी का जीवन वो है। जिसमे आपकी सारी इच्छा पूरी हो जाये।
दुखों की बरात
लोगो को दुःख दुखी करता है। मुझे सीख दे जाता है। कौन अपना है और कौन पराया है। कौन असली है और कौन नकली है।
कोई भी आदमी परफेक्ट नहीं हो सकता है। सबमें कमियां होती है।
सबको लगता है की मुझे सब पता है। पर क्या वास्तव में ये बात सही लग रही है।
इंटरनेट की दुनिया में सबको सब पता है । ऐसा आभास होता है। मगर वास्तविक दुनिया कुछ और ही कह रही होती है।
काम की आजादी
ऐसा लगता है की कोई भी काम न किया जाये । एक ऐसा काम किया जाये की इस नौकरी से मुक्ति मिल जाए। कैसे भी करके आप आजाद हो जाये। आजाद पक्षी की तरह कोई रोक टोक न हो। आप अपनी मर्जी के मालिक हो । आप पर किसी का बस न चले । आपकी किसी से तुलना भी न हो ।
सुख की तलाश
एक ऐसी दुनिया की कल्पना करना जहा सुख ही सुख हो , क्या संभव है । हमारा अंतर्मन ही दुखी है, बाहर भी दुःख है तो सुख कहा है । सुख कही जाकर छिप सा गया है। मैं खुश रहना चाहता हूँ । मगर मेरे आस पास के लोग डिस्टर्बिंग हैं । तो इसमें मेरा दोष हो सकता है। मैं अपने में सम्पूर्ण हूँ और खुश हूँ तो दूसरे को क्या दिक्कत हो सकती है ।
लोगो को छोटी छोटी चीज़ों में ही जूझते देखते हैं। ऐसी चीज़ें जो साथ नहीं देती । जो केवल कुछ पल के लिए हैं। जो कुछ पल का एहसास देती हैं। मगर एक बड़ा हिस्सा ले लेती हैं।
अंत की तलाश
सब सुख और सब दुःख का अंत कहा है। सब लोग बहुत बिजी हैं। कौन है जो इतना सोचता है। किसी के पास फुर्सत नहीं है। कोई प्रश्न नहीं करता है। हर एक के पास अपना अपना अलग अलग जवाब है।
मैं और आप एक जैसे नहीं है।
जो चीज़ मुझे बुरी लग रही है वो हो सकता है की आपको सही लग रहा हो।
तो इसमें दोष किसका है। किसी का भी नहीं। सब अपनी सोच के अनुसार सही है।
तो दोस्तों यह अवसाद से भरा ब्लॉग आपको कैसा लगा। इसको मैंने दुखी मन से लिखा है। मगर रोज एक सी भावना नहीं हो सकती। कभी ख़ुशी तो कभी गम लगा ही रहता है। आप दुखी मत होना । सबके हिस्से का सुख दुःख अलग अलग होता है।